पञ्चांग
सभी विद्वान ज्योतिष प्रेमियों को मेरा नमस्कार इस लेख के माध्यम से मैं बताना चाहूंगा कि कल मेरे एक छात्र ने पूछा था कि ज्योतिष में जो गणित हिस्सा है या फिर ज्योतिष में जो मुख्य अवयव हैं जैसे ही की तिथि कारण पंचांग के जो हिस्से हैं उनके बारे में विस्तार से बताएं तो मैंने उनके पास अपना लेख भेज दिया था और वही लेख मैं इस ग्रुप में सभी के लिए भेज रहा हूं इस को अच्छे से गहराई से पढ़ने के बाद समझने की कोशिश करें काफी ज्ञानवर्धक लेख है पञ्चाङ्ग भारत में ५ प्रकार से दिन लिखते हैं। अतः यहां की काल गणना को पञ्चाङ्ग (५ अंग) कहते हैं। 5 अंग हैं- १. तिथि– चन्द्र का प्रकाश १५ दिन तक बढ़ता है। यह शुक्ल पक्ष है जिसमें १ से १५ तक तिथि है। कृष्ण पक्ष में १५ दिनों तक चन्द्र का प्रकाश घतता है। इसमें भी १ से १५ तिथि हैं। २. वार– ७ वार का वही क्रम ग्रहों के नाम पर। ३. नक्षत्र– चन्द्र २७.३ दिन में पृथ्वी का चक्कर लगाता है। १ दिन में आकाश के जितने भाग में चन्द्र रहता है, वह उसका नक्षत्र है। ३६० अंश के वृत्त को २७ भाग में बांटने पर १ नक्षत्र १३ १/...